MOTIVATIONAL STORY लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
MOTIVATIONAL STORY लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 9 फ़रवरी 2022

MOTIVATIONAL STORY FOR POSITIVE THINKING IN HINDI

MOTIVATIONAL STORY FOR POSITIVE THINKING IN HINDI

 आप इस Blog में इस Post को पढने के बाद इस Article से संबंधित अपने विचार साझा कर सकते हैं।

आज का आर्टिकल इस बात पर आधारित है। कि मनुष्य जीवन में किस प्रकार से खुद ही परेशान होता है ।उसकी सोच ही उसके दुख का कारण बन जाती है जिस कारण हो हमेशा जीवन भर दुखी रहता है। आज इसी बात को लेकर शब्द से परेशानीयहां पर हम एक छोटी सी कहानी के रूप आर्टिकल पेश कर रहे हैं। जिससे हमें एहसास होगा कि हमारी सोच जैसी होगी वैसा ही हमारा मन दिमाग और जीवन होगा।

 



"स" शब्द से परेशानी -

आपके पड़ोस में एक सज्जन रहते हैं ।नाम है उनका श्याम सुंदर श्रीवास्तव। एक बार एक सड़क छाप ज्योति ने उनका हाथ पकड़ा और देख कर कहा कि बेटा जी आप स शब्द से सावधान रहना। यह तुम्हारे लिए बहुत मनहूस है और तुम्हारी मृत्यु भी स शब्द से होगी। स शब्द तुम्हारे लिए कॉल साबित होगा। अब श्याम सुंदर श्रीवास्तव जी चिंता में पड़ गए। उन्होंने सोचा कि स शब्द से दूर ही रहना चाहिए।

 इसलिए उन्होंने गंभीरता से लिया और उन्होंने स शब्द से सावधानी बरतनी शुरू कर दी। उन्होंने अपने मित्रों सत्य सुधीर संदीप शिकार संजय जितने भी स ,शब्द से दोस्त सभी को छोड़ दिया। सब्जी आदि से त्याग कर दिया। साइकिल से जाने से घबराने लगे।उन्होंने सोचा शायद शायद हो जाए सोमवार शुक्रवार शनिवार7,17, 27 तारीख को सावधान रहने लगे। सरकारी नौकरी छोड़ दी।

 एक बार उनके लिए एक रिश्ता आया खुशी खुशी हां कर बैठे मन ही मन लड्डू फूट रहे थे। अब हमारी शादी होगी शहनाई बजेगी सगाई होगी ससुराल जाना पड़ेगा ससुर साला साली सरहज होगी। बारातियों का स्वागत चाय समोसे से होगा।हम अपनी बीवी के साजन होंगे और उनकी बीवी उनकी सजनी होगी संतान होगी बाप रे इतने सारे स, उन्होंने डर के मारे शादी से इंकार कर दिया।

 नाम भी श्याम सुंदर था अब क्या सोचे मन में सोच रहे कि कैसे बचा जाए । एक बार श्याम सुंदर जी सहारनपुर जा रहे थे। स्टेशन का नाम सुनते ही डर गये। श्याम सुंदर जी सोच रहे आज उनकी समाधि बन जाएगी। राम-राम करके स्टेशन पहुंचने पर गाड़ी का नाम सुनते ही डर गये। गाड़ी का नाम शालीमार एक्सप्रेस था। उन्हें लगा गाड़ी नहीं यमदूत आ रही है जो उन्हें पर लोग ले जाने के लिए आए हैं। श्याम सुंदर जी बहुत डर रहे हैं तोबा तोबा करके गाड़ी स्टेशन से चली गई तो घोषणा हुई सहारनपुर एक्सप्रेस आ रही है। अब तो उन्हें और पसीने छूटने लगे ट्रेन में घुस गए तो पता चला की सीट पर बैठना है कहां तक मैं स शब्द से सावधान रहूं । सिगरेट शराब पीता नहीं आखिर कहां तक सावधान रहूं सांस तो लेनी पड़ेगी।

 कहने का मतलब यह है कि जिस बात को जिस तरीके से जिस नजरिए से देखेंगे हम वैसे ही होते चले जाएंगे। अगर श्याम सुंदर जी स शब्द को सौगात समझ लेते तो जीवन में परेशान नहीं होते। कहने का मतलब यह है की कठिनाइयां बहुत सी आती हैं.

 लेकिन हमारा नजरिया ऐसा होना चाहिए कि उन कठिनाइयों को अच्छाइयों में बदलने की ख्वाहिश होनी चाहिए। जिससे हम अपने जीवन को सुखमय और परिवारिक,सामाजिक तालमेल वाला बना सकते हैं। और सुंदर जीवन जी सकते हैं। तो यह थी श्याम सुंदर श्रीवास्तव की रोमांचक छोटी सी कहानी। जिससे हमें सीख लेनी है कि जिस तरह की हमारी सोच होगी, जैसा हमारा नजरिया होगा हम उसी तरह के बन जाएंगे। और यह सब हमारे खुद के निर्भर करता है।

यह आर्टिकल आपको कैसा लगा इसके बारे में अवश्य अपनी राय कमेंट दें। आप सब से अनुरोध है कि हमारे ब्लॉग पर आने की कृपा करें और हमें मोटिवेट करें कि हम और अच्छे बढ़िया आर्टिकल लिखने की कोशिश करें और लिखता रहूं। धन्यवाद

सोमवार, 7 फ़रवरी 2022

MOTIVATIONAL STORY IN HINDI


 MOTIVATIONAL STORY IN HINDI

 मैं और मेरी तन्हाई आर्टिकल एक ऐसा आर्टिकल है।जिसमें हमें यह एहसास होता है कि हमारा समय हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है। हमारी जिंदगी में समय हमारे हालात को किस तरह अपने साथ में रखता है। और किस तरह अपने आप को हमारे जीवन में अपना महत्व को बताता है। और किस प्रकार हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है। और किस प्रकार हमारे जीवन की नैया को अपने हाथों द्वारा संचालित करते हैं। इस आर्टिकल मैं और मेरी तन्हाई इसी बात पर आधारित है। 

 आइए इस आर्टिकल के द्वारा जानते है समय का हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है।

मैं और मेरी तन्हाई कभी भी एक साथ रहने को तैयार नहीं होती। जब से मैं अकेला रहने लगा हूं उस रात मेरी तन्हाई मुझसे मेरे जीवन की कहानी को बड़े प्यार से पूछती है। और मैं हमेशा यही कहता हूं कि तू मुझे अकेला छोड़ दे । क्या बताऊं मैं तुझे अपने जीवन की कहानी को कि मैं कुछ भी नहीं हूं ।और ना ही जीवन में अभी तक कुछ कर पाया हूं ।समय मेरा साथ नहीं दे रहा मुझे यह एहसास नहीं था की यह तन्हाई मुझसे सवाल क्यों पूछ रही है।

लेकिन तनहाई मेरे पीछे पड़ी हुई है रुलाती है झुंझलाती है बहुत तड़पाती है। बस एक ही उसके जहन में सवाल है की जिंदगी की कहानी बताओ। अब तक क्या किया। कैसे जीवन को जिया और कैसे जी रहा है। अगर तू मेरे सवाल का जवाब दे देगा तो मैं तेरा साथ छोड़ दूंगी। मेरे सवाल का जवाब अगर नहीं देगा तो मैं तेरा साथ कभी भी नहीं छोडूंगी। मैंने कहा आज मुझे तू छोड़ दे मुझ पर रहम खा। आगे से तुझे नहीं बुलाऊंगा तुझे नहीं अपनाएंगे। उसने मुझे छोड़ दिया और मैं फिर सो गया। सुबह हुई जब मैं उठा तो समय मेरे पास ही खड़ा था।वह मेरी तरफ देख रहा था मैं उसकी तरफ वह मुझे घूरे ही चला जा रहा था।

मुझे पता नहीं था कि मेरा समय बीतता चला जा रहा है। मैं कुछ करने को सोच रहा था अचानक समय बोल पड़ा क्या सोच रहा है तू। मैं अभी तेरे पास खड़ा हूं और तू है कि मेरी परवाह नहीं कर रहा है। मेरी तरफ देख भी नहीं रहा है

लेकिन मुझे तेरी परवाह है।लेकिन तुझे मेरी परवाह नहीं है। तू मुझे अपने पास खड़ा देख कर भी मेरा इस्तेमाल सही से नहीं कर रहा है धिक्कार है तेरी जिंदगी पर जी करता है तेरा साथ छोड़ दूं ।लेकिन मैं किसी का साथ नहीं छोड़ता तेरी मर्जी तू चाहे मुझे जैसे देख लेकिन मैं तेरा साथ नहीं छोडूगा।

 मैं तेरे हर पल साथ रहूंगा तू जैसा करेगा मैं जैसा बन जाऊंगा। तू जहां जाएगा मैं वहां जाऊंगा। और मैं कभी नहीं रुकता तू चाहे रुक जाए और मैं उसी का साथ देता हूं जो मेरी कदर करता है और जो मुझे अपने जीवन में अपने साथ साथ लेकर चलता है। मैं उसके जीवन में तन्हाई दुख जैसे पहलुओं को दूर भगाने की कोशिश करता रहता हूँ।

तूने कल तन्हाई से वादा किया था कि मैं कल से तुझे नहीं आने दूंगा। मैं सुन रहा था इसलिए तेरा साथ देने आया हूं। तन्हाई तेरे जीवन की कहानी पूछ रही थी ।क्योंकि तूने मुझे सही से नहीं अपनाया यदि मेरी कदर की होती। तो ना तो तन्हाई तेरे पास होती है और ना तू आज इतना दुखी होता है।




 आज के बाद अगर तू मेरी कदर करेगा मेरी इज्जत करेगा मुझे बर्बाद नहीं करेगा तो मैं तेरे साथ हमेशा तेरा बनकर खड़ा रहूंगा। तूने सुना होगा लोग कहते हैं । कि आज तेरा समय कल मेरा भी आएगा । मैं उन्हीं के पास जाता हूं और रहता हूं जो मेरी कदर करता हैं। और अगर तू आज के बाद इस जीवन को खुशहाल पाना चाहता है तुम मेरी कदर करना सीख लो मैं तेरे साथ हूं और तेरे साथ जीवनभर रहूंगा।

 जिंदगी के हर दुख में तेरे साथ रहूंगा मेरी कदर करेगा मैं तेरा साथ जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। तेरी किस्मत बना दूंगा अगर तू मेरी इज्जत करेगा मेरा ख्याल रखना मेरी परवाह करेगा।

मेरी गति इतनी तेज है कि मुझे कोई पकड़ नहीं सकता मुझे कोई छू नहीं सकता मुझे कोई रोक नहीं सकता मैं समय हूं। और मेरी कदर करना सीख मैं तेरी जिंदगी की कदर करना औरों को सिखा दूंगा। मैं तुझे वहां तक पहुंचा दूंगा जिसके बारे में तू अभी तक सोच रहा है। मैं जानता हूं तूने मेरी कदर नहीं की जिसकी वजह से आज तू इतना परेशान है।

इतना कहकर समय वहां से गायब हो गया।

आर्टिकल आपको कैसा लगा इसके बारे में कमेंट अवश्य करें। और अपनी राय अवश्य में क्योंकि मैं संदीप सिंह राजावत हमेशा नए आर्टिकल और मोटिवेशनल स्टोरी को पेश करता रहता हूं ।

धन्यवाद

MOTIVATIONAL STORY FOR POSITIVE THINKING IN HINDI

MOTIVATIONAL STORY FOR POSITIVE THINKING IN HINDI  आप इस Blog में इस Post को पढने के बाद इस Article से संबंधित अपने विचार साझा कर सकते हैं। ...