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सोमवार, 7 फ़रवरी 2022

हार या जीत - MOTIVATIONAL POEM

हार- या- जीत  - MOTIVATIONAL -POEM

 

हार या जीत  - MOTIVATIONAL POEM

इस आर्टिकल में आपको एक मोटिवेशनल POEM  सुंदर शब्दों में मिलेगी। इस कविता को आपको समझना होगा कियोंकि इस कविता में शब्दों में किस तरह से प्रेम को परिभाषित किया है। तो चलिए शुरू करते है। 

मैं चाहकर, तुझे जीत न पाया मेरी हार में ही , मेरी जीत है।

मैं तेरे लिए कुछ भी तो नहीं ,तू मेरे लिए मनमीतमेरा गीत है

 मैं  सब कुछ हारा तुझको पाकर , एक तू ही मेरी जीत है।

 मै चाहकर तुझे जीत न पाया ,तेरी जीत में मेरी जीत है।



हार या जीत  -POEM

अपनों की भी ,परवाह न की ,तुझसे था रिस्ता जोड़ लिया।

सोचा था जो है अब मेरा , वह सब कुछ तुझसे जोड़ दिया।

 ना समझा फिर भी अपना ,कियों मुझसे था मुँह मोड़ लिया।

फिर भी मैं कहता हूँ दिल से , संसार हो तेरा प्यार भरा।

जहाँ रहे तू खुशियां बिखरी हों ,परिवार हो तेरा हरा भरा।

 मैं चाहकर ,तुझे जीत न पाया ,मेरी हार में ही मेरी जीत है।

 मैं तेरे लिए कुछ भी नहीं ,तू मेरे लिए मनमीत है मेरा गीत है।

 मैं तो था पहले से तन्हा ,कोई गैर मिला था अपना सा।

 मैंने अब सब भुला दिया  ,सोचा है, वह था,सपना सा।

 अब भी दिल से तुझसे कहता , माने या ना माने तू।

 जो आया था वह चला गया ,वह तो था सुन्दर सपना सा।

 परवाह न कर ,अब तू उसकी ,अब अपनों को पहचाने तू।

 मैं चाहकर ,तुझे जीत न पाया ,मेरी हार में ही मेरी जीत है।

 मैं तेरे लिए कुछ भी तो नहीं ,तू मेरे लिए मनमीत,मेरा गीत है।

तेरा जीवन ,अपनों में है ,

मेरी तू परवाह न कर मेरा जीवन सपनों में है

,मेरा जीवन सपनों में है।

 सपनें तो आते जाते है , जीवन में सब कुछ नाते है।

 तेरा जीवन तेरे अपनें , सुन्दर से ,तेरे सपनें सपनें तो आते जाते हैं।

 जीवन में सब कुछ नाते है।

 जो चला गया वह फिर मिलता ,जैसे सपनों में आते है।

 मैं चाहकर ,तुझे जीत न पाया ,मेरी हार में ही मेरी जीत है।

 मैं तेरे लिए कुछ भी तो नहीं ,तू मेरे लिए मनमीत मेरा गीत है।

 ना सफर हमारा खत्म हुआ , न अब भी मैं रुक पाउँगा।

 तू जीवन अपना चलता चल ,तेरे सपनों में आऊंगा।

 मैं हार गया तू जीत गया ,मैं हार गया तू जीत गया।

 एक सपना था वह टूट गया ,कोई अपना सा था छूट गया।

 ये दुनियां आनी जानी है ,अपनी ये प्रेम कहानी है।

 अपनी ये अंत कहानी है ,अपनी ये प्रेम कहानी है।

 मैं चाहकर ,तुझे जीत न पाया ,मेरी हार में मेरी जीत है।

 मैं तेरे लिए ,कुछ भी तो नहीं ,तू मेरे लिए मनमीत है गीत है।         

इस कविता के बारें में हमें अपना प्रोत्साहन अवश्य दें।  

                                           

शनिवार, 5 फ़रवरी 2022

TRUE LOVE POEM IN HINDI

 


                                              TRUE  LOVE POEM IN HINDI



एक फूल खिला था एक वन में

एक फूल खिला था एक वन में।
वह प्रतिदिन हंसता रहता था


वह प्रतदिन हंसता रहता था।
मुझे गले लगाओ ,मुझे गले लगाओ प्रतिदिन मुझसे कहता था।मुझे गले लगाओ 

मुझे गले लगाओ हरदिन मुझसे कहता था।
फूल तोड़नें को मैंने जैसे बढ़ाये कदम

फूल मुझसे बोल पड़ा है, मर जायेंगे हम।
मैने सोंचा फूल एक दिन मुरझा जाएगा ,

गले लगा लूं यदि इसे समझा हार जाएगा ,
फूल तोड़नें को मैंने जैसे बढ़ाये कदम।

फूल मुझसे बोल पड़ा मर जायेंगे हम ,
मर जायेंगे हम ,मर जायेंगे हम।

पुष्प कहता है -
कियोें पुष्प को डाली से जुदा करते हो ,
डाली तो जी लेगी बिना हमारे

बिन डालेगी के मर जायेंगे हम ,मर जायें हम.
चल तू ही बता ओ डाली मेरी, क्या जी पायेंगे हम

डाली तो बेदर्द है रिस्ता ही भूल जाती
उसको नहीं क्या मालूम शोभा मेरे कारण आती।

शोभा मेरे कारण आती। 
यदि बेदर्दी तुझे मेरी जरुरत न थी कियोें मुझे अपना बनाया था
कियों मुझको इतना चाहा था।
कियोें मुझको गले लगाया था।
कियों मुझको गले लगाया था।

माली भी देख रहा है........
कि फूल किस तरह से
डाली से कह रह रहा है - फूल कहता है

कैसा अदभुत खेल हमारा, प्रतिदिन होता मेल हमारा।
सुबह को मिलती जीवन हमको शाम होता अंत हमारा।
कैसा अद्भुत खेल हमारा। हरपल होता मेल हमारा ।

डाली से भी नहीं रहा गया -
कहती है -डाली भी बोल पड़ी आँसू भर भर के ,
फूल और डाली का रिस्ता कितना प्यारा है।

एक तू ही मेरे जीने का अनमोल सहारा है।
''ये जान ले फूूल ये तेरी है भूल ये तेरी है भूल

तू ही मेरी धड़कन तू मेरी साँस।
हमें जिंदगी जब मिले जब होगी तेरीआश
जब होगी तेरी आस।

फूल से भी नहीं रह गया बोल ही पड़ा -

मैं कितना सुन्दर आया था कियोें मुझको गले लगाया था।
कियों तुमने गले लगाया था,कियोें इतना मुझको चाहा था।

जुदा मुझे करना ही था कियों मुझको गले लगाया था।
कियोें तुमनें मुझे बुलाया था ,कियोें तुमनें मुझे बुलाया था
.
डाली से भी नहीं रहा गया रोकर कहती है-

तुझसे बिछड़ना मेरी मजबूरी है , तुझे नहीं क्या मालूम,
तेरे बिन जिंदगी अधूरी है
जिंदगी अधूरी है.

माली फूल को तोड़ लेता है
 (फूल डाली से कहता है )

मैं कितना खुश था तुझसे मिलकर और तुमारे साथ में ,
मर जायेंगे हम ,मर जायेंगे हम जब पहुचें किसी के हांथ में।

तू मत रोना ओ डाली मेरी ,

मैं फिर से बापस आऊंगा फिर अपना तुझे बनाऊंगा।
मिले हजारों फूल मगर याद मुझे भी तुम रखना
 .
मैं फिर से बापस आऊंगा ,फिर अपना तुझे बनाऊंगा।
जब तुझमें साँस अगर हमारी आस है।

कसम खुदा कि मर के भी फूल तुमारे पास है।
हमें कभी भी न भूलाना यही हमारी आस है ,

कसम खुदा मर के भी फूल तुमारे पास है।
कसम खुद कि मर के भी फूल तुमारे पास है।
फूल तुमारे पास है
( यादें)

MOTIVATIONAL STORY FOR POSITIVE THINKING IN HINDI

MOTIVATIONAL STORY FOR POSITIVE THINKING IN HINDI  आप इस Blog में इस Post को पढने के बाद इस Article से संबंधित अपने विचार साझा कर सकते हैं। ...